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प्रदेश के सभी शासकीय स्कूल वर्चुअल क्लास सुविधा से जुडेंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी का क्षेत्र संभावनाओं से भरा है। आज सूचना प्रौद्योगिकी सफलता की कुँजी है, इसमें पीछे नहीं रहें। मध्यप्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों को वर्चुअल क्लास की सुविधा से जोड़ा जायेगा। अभी 2000 स्कूल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ डिजिटल इंडिया सप्ताह के तहत वीडियो कान्फ्रेंसिंग में वर्चुअल क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस दौरान डिण्डौरी जिले में उत्कृष्ट विद्यालय अमरपुर की छात्रा कु. अनीता से सीधा संवाद किया। इस दौरान डिण्डौरी जिले में प्रभारी कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा, लोक सेवा प्रबंधक श्री रंजीत सिह ठाकुर, एनआईसी प्रभारी श्री योगेन्द्र ठाकुर, डीपीसी राघवेन्द्र मिश्रा मौजूद थे।

प्रदेश के सभी शासकीय स्कूल वर्चुअल क्लास सुविधा से जुडेंगे
प्रदेश के सभी शासकीय स्कूल वर्चुअल क्लास सुविधा से जुडेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास की नयी उड़ान भरें और अपने परिश्रम से आसमान को छू लें। समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिये शिक्षित मध्यप्रदेश बनाना होगा, इसमें सूचना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा की गुणवत्ता के क्षेत्र में आज मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान है। शासकीय स्कूलों के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में वर्चुअल क्लास की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी स्कूलों में यह सुविधा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ना है तो तकनीकी का लाभ लेना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मेक इन इंडिया के साथ डिजिटल इंडिया की बात कही है। अब हम डिजिटल मध्यप्रदेश के लिये काम करेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के युवा देश और दुनिया में नाम कर रहे हैं। प्रदेश के प्रतिभावान बच्चों को राज्य सरकार इस वर्ष लेपटाप उपलब्ध करायेगी। प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा के लिये हरसंभव मदद दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे तक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा पहुँचायी जायेगी। प्रदेश के 2000 स्कूल में कम्प्यूटर सेंटर शुरू किये जायेंगे। आम जनता तक तकनीकी सुविधा पहुँचाने के लिये हर पंचायत को ब्राड बेंड कनेक्टिविटी उपलब्ध करवायी जायेगी। रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने में सूचना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा के उद्देश्य ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना है। आज प्रदेश में इन्फोसिस और टीसीएस जैसी आई.टी. कम्पनी आ रही है, जिनमें प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में भोपाल और जबलपुर में इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर बनाये जा रहे हैं। इनमें रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। प्रदेश में युवाओं के लिये मुख्यमंत्री युवा उद्यमी और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना जैसी योजनाएँ शुरू की गयी हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश के युवा बड़े उद्यमी बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएँ हैं। डिजिटल इंडिया के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में बी.पी.ओ. के माध्यम से रोजगार उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्र में पन्द्रह बी.पी.ओ. शुरू किये जायेंगे। मध्यप्रदेश मोबाईल एप बनाया गया है जिसमें राज्य सरकार से सम्वाद हो सकता है। प्रदेश में शासकीय कार्यों के लिये ई-मेल नीति बनायी गयी है। महाविद्यालयों में प्रवेश की ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने सेमी कन्डक्टर फेब नीति बनायी है। अमेरिका की कम्पनी क्रिकेट सेमी कन्डक्टर से प्रदेश में 6000 करोड़ लागत की सेमी कन्डक्टर इकाई स्थापित करने का एम.ओ.यू. हुआ है। डिजिटल इंडिया के तहत ई-दक्ष योजना बनायी गयी है, जिसमें पाँच वर्ष में 8 लाख कर्मचारियों को कम्प्यूटर संचालन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रदेश में ई-पंजीयन और डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र देने की सुविधा शुरू की गयी है। महाविद्यालयों में ऑनलान छात्रवृत्ति भुगतान की व्यवस्था लागू की गयी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बेहतर प्रदेश और बेहतर देश बनाने में योगदान करें। प्रदेश में राज्य लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की ऑनलान व्यवस्था शुरू की जा रही है। निजी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरेगी। उच्च अध्ययन के लिये विदेश जाने पर मदद की योजना लागू की गयी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से डिंडोरी, अनूपपुर, विदिशा, खुरई, मंडला, ठीकरी और श्योपुर के विद्यार्थियों ने सीधे सम्वाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने डिजिटल इंडिया के लाभ, डिजिटल इंडिया में निजी महाविद्यालयों में हाई टेक लेब स्थापित करने, आई.आई.टी. की कोचिंग तथा बारहवीं के बाद केरियर परामर्श में वर्चुअल क्लास के उपयोग, ई-लायब्रेरी स्थापित करने, एकीकृत डिजिटल शिक्षा व्यवस्था लागू करने, डिजिटल लॉकर की सुविधा तथा शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में डिजिटल सुविधा के उपयोग के बारे में सुझाव दिये तथा प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्चुअल क्लास के माध्यम से केरियर परामर्श देने तथा कोचिंग देने की कार्रवाई की जायेगी। प्रदेश के सभी जिलों में ई-लायब्रेरी की सुविधा शुरू होगी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती और मुख्यमंत्री के सचिव श्री हरिरंजन राव भी उपस्थित थे।

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